पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ Devdutt Padikkal से पारी की शुरुआत कराने की सलाह दी है।
एक सुझाव जिसने टीम संयोजन पर बहस तेज कर दी
Devdutt Padikkal को लेकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की रणनीति पर नई बहस शुरू हो गई है।
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने साफ कहा कि बेंगलुरु को शीर्ष क्रम में ज्यादा आक्रामक विकल्प की जरूरत है। उनके अनुसार, फिल सॉल्ट की चोट के कारण खाली हुई जगह पर जैकब बेथेल के बजाय Devdutt Padikkal को विराट कोहली के साथ पारी शुरू करनी चाहिए।
यह सुझाव केवल बल्लेबाजी क्रम बदलने की बात नहीं है। यह उस सोच से जुड़ा है कि दबाव वाले मुकाबलों में शुरुआती छह ओवर कैसे खेले जाएं और टीम अपनी पारी की दिशा कितनी जल्दी तय करे।
Devdutt Padikkal को ऊपर भेजने की मांग क्यों उठी
श्रीकांत का तर्क सीधा है। टी20 क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज सिर्फ टिकने के लिए नहीं उतरता, बल्कि गेंदबाजों पर तुरंत दबाव बनाने के लिए उतरता है।
फिल सॉल्ट की गैरमौजूदगी में बेंगलुरु ने जैकब बेथेल को ऊपर आजमाया है। लेकिन श्रीकांत का मानना है कि शीर्ष क्रम में ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो पावरप्ले में जोखिम लेकर तेजी से रन बना सके। इसी वजह से उन्होंने Devdutt Padikkal का नाम आगे रखा।
टी20 में शुरुआत सिर्फ सुरक्षित नहीं होनी चाहिए, वह विरोधी गेंदबाजी पर दबाव डालने वाली भी होनी चाहिए
विराट कोहली एक छोर से पारी को स्थिरता देते हैं। ऐसे में दूसरे छोर पर तेज शुरुआत देने वाला बल्लेबाज टीम के लिए बड़ा अंतर पैदा कर सकता है। यही भूमिका Devdutt Padikkal के लिए देखी जा रही है।
जैकब बेथेल को मध्यक्रम में भेजने की बात
श्रीकांत ने केवल ओपनिंग बदलने की बात नहीं की। उन्होंने जैकब बेथेल को मध्यक्रम में भेजने की सलाह भी दी।
यह बदलाव बेंगलुरु के संतुलन को बेहतर कर सकता है। बेथेल अगर मध्यक्रम में आते हैं, तो वह स्पिन और पुरानी गेंद के खिलाफ उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं। इससे टीम को सिर्फ ओपनिंग में नहीं, बल्कि पूरी बल्लेबाजी संरचना में गहराई मिल सकती है।
संभावित बल्लेबाजी क्रम का असर

| भूमिका | संभावित खिलाड़ी | रणनीतिक असर |
|---|---|---|
| सलामी बल्लेबाज | विराट कोहली | स्थिरता और नियंत्रण |
| सलामी बल्लेबाज | Devdutt Padikkal | तेज शुरुआत की संभावना |
| मध्यक्रम | जैकब बेथेल | संतुलन और लचीलापन |
| फिनिशिंग भूमिका | निचला क्रम | अंतिम ओवरों में तेजी |
यह तालिका बताती है कि बदलाव केवल एक स्थान का नहीं है। इससे पूरी बल्लेबाजी इकाई की भूमिका बदल सकती है।
बेंगलुरु के लिए यह मुकाबला क्यों अहम है
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस सीजन में मजबूत स्थिति में है, लेकिन आईपीएल के अंतिम चरण में हर मुकाबला अंक तालिका पर सीधा असर डालता है। टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चोटों के बावजूद सही संयोजन कैसे बनाया जाए।
फिल सॉल्ट की चोट ने टीम को मजबूर किया है कि वह शीर्ष क्रम पर नए विकल्प तलाशे। ऐसे समय में Devdutt Padikkal को ऊपर भेजना एक व्यावहारिक फैसला हो सकता है, क्योंकि वह बेंगलुरु की व्यवस्था और दबाव दोनों को समझते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु लखनऊ में मुकाबले के लिए उतर रही है और सॉल्ट अभी चोट से उबर रहे हैं। इसी संदर्भ में श्रीकांत ने यह सुझाव दिया कि टीम को शीर्ष क्रम में अधिक आक्रामक रुख अपनाना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- श्रीकांत ने बेंगलुरु को Devdutt Padikkal से ओपनिंग कराने की सलाह दी
- फिल सॉल्ट चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं
- जैकब बेथेल को मध्यक्रम में भेजने का सुझाव दिया गया
- विराट कोहली के साथ आक्रामक जोड़ी बनाने पर जोर है
- यह बदलाव टीम संतुलन और पावरप्ले रणनीति से जुड़ा है
- लखनऊ के खिलाफ मुकाबला अंक तालिका के लिहाज से अहम है
विशेषज्ञ नजरिया: क्या यह जोखिम सही साबित होगा
Devdutt Padikkal को ऊपर भेजना जोखिम भी है और अवसर भी। जोखिम इसलिए क्योंकि ओपनिंग में तुरंत रन बनाने का दबाव होता है। अवसर इसलिए क्योंकि अगर वह पावरप्ले में सफल रहे, तो बेंगलुरु की पूरी पारी मजबूत आधार पर खड़ी हो सकती है।
विराट कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाज के साथ खेलने से उन्हें स्थिरता मिल सकती है। दूसरी ओर, बेथेल का मध्यक्रम में जाना टीम को बाएं हाथ के विकल्प के रूप में अतिरिक्त गहराई दे सकता है।
सही बल्लेबाजी क्रम वही होता है जो खिलाड़ियों की ताकत को सही समय पर इस्तेमाल करे
बेंगलुरु के लिए यह फैसला केवल एक मैच की रणनीति नहीं, बल्कि प्लेऑफ की तैयारी का संकेत भी हो सकता है।
प्रभाव विश्लेषण: प्लेऑफ दौड़ पर क्या असर पड़ेगा
अगर Devdutt Padikkal ओपनिंग में सफल रहते हैं, तो बेंगलुरु को फिल सॉल्ट की वापसी तक मजबूत विकल्प मिल जाएगा। इससे टीम संयोजन को स्थिरता मिलेगी और मध्यक्रम पर शुरुआती दबाव कम होगा।
लेकिन अगर शुरुआत धीमी रही, तो लखनऊ जैसी टीम के खिलाफ पीछा करना या बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यह फैसला साहसिक जरूर है, लेकिन पूरी तरह तर्कसंगत भी दिखता है।

Devdutt Padikkal को ओपनिंग में भेजने की श्रीकांत की सलाह बेंगलुरु के लिए गंभीर रणनीतिक संकेत है। टी20 क्रिकेट में छोटी tactical चालें बड़े नतीजे बदल देती हैं। बेंगलुरु के लिए अब सवाल यह है कि वह सुरक्षित विकल्प चुनती है या पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत के लिए नया दांव लगाती है।
लखनऊ के खिलाफ मुकाबला इस बहस का पहला बड़ा जवाब दे सकता है। अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो Devdutt Padikkal बेंगलुरु की प्लेऑफ योजना का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

