Harbhajan Singh ने भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप मुकाबले से दूरी बनाने के पाकिस्तान के फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर ने इस कदम को “ड्रामा” करार देते हुए कहा कि इस तरह के फैसले क्रिकेट की भावना और खेल की गरिमा के खिलाफ हैं।
हरभजन सिंह का मानना है कि भारत-पाकिस्तान जैसे बड़े मुकाबलों को राजनीतिक कारणों से टालना न सिर्फ खेल प्रेमियों के साथ नाइंसाफी है, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की साख पर भी सवाल खड़े होते हैं।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर हरभजन का सख्त रुख
हरभजन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला केवल एक क्रिकेट मैच नहीं होता, बल्कि यह करोड़ों प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुकाबलों से पीछे हटना एक तरह से अनावश्यक विवाद खड़ा करना है, जिसे उन्होंने सीधे तौर पर “ड्रामा” बताया।
पूर्व क्रिकेटर ने यह भी जोड़ा कि अगर कोई टीम वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खेलने से पीछे हटती है, तो इससे टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा और विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।
“क्रिकेट को राजनीति से दूर रखना चाहिए”
हरभजन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्रिकेट को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देते हैं और ऐसे मंचों पर राजनीतिक फैसलों की जगह नहीं होनी चाहिए।
उनका मानना है कि अगर हर टीम इसी तरह फैसले लेने लगे, तो भविष्य में वैश्विक टूर्नामेंट्स का आयोजन बेहद मुश्किल हो जाएगा।
ICC के लिए भी बढ़ी चुनौती
हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया ऐसे समय पर आई है, जब International Cricket Council (ICC) भी पाकिस्तान के फैसले को लेकर चिंता जता चुका है। ICC इस मामले को केवल एक मैच नहीं, बल्कि टूर्नामेंट की अखंडता से जुड़ा मुद्दा मान रहा है।
क्रिकेट जानकारों का कहना है कि पूर्व खिलाड़ियों की इस तरह की खुली प्रतिक्रिया से ICC पर भी दबाव बढ़ सकता है कि वह इस मामले में स्पष्ट और सख्त रुख अपनाए।
क्रिकेट फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया
हरभजन सिंह के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई क्रिकेट प्रशंसकों ने उनके बयान का समर्थन किया है और कहा है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला किसी भी वर्ल्ड कप की जान होता है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला दोनों देशों के आपसी संबंधों से जुड़ा मामला है।

