गाजियाबाद। अगर आप गाजियाबाद में जिम, स्विमिंग पूल या कोई स्पोर्ट्स एकेडमी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन ने अवैध रूप से चल रहे फिटनेस सेंटरों और अकादमियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि बिना पंजीकरण (Registration) के संचालित किसी भी संस्थान को अब बख्शा नहीं जाएगा।
सोसायटियों और स्कूलों के लिए भी नियम कड़े
प्रशासन की यह सख्ती केवल कमर्शियल केंद्रों तक सीमित नहीं है। अब हाउसिंग सोसायटियों, होटलों, क्लबों, स्कूलों और यहां तक कि फार्म हाउस में चल रहे स्विमिंग पूल और जिम के लिए भी जिला खेल कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
पंजीकरण की प्रक्रिया और जांच
अधिकारियों के अनुसार, पंजीकरण के लिए संचालकों को निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:
आवेदन: संचालकों को जिला क्रीड़ा अधिकारी के कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा।
निरीक्षण: फॉर्म जमा होने के बाद एडीएम सिटी की अध्यक्षता में गठित एक विशेष समिति इन सेंटरों का स्थलीय निरीक्षण करेगी।
मानक: जांच के दौरान सुरक्षा इंतजाम (जैसे लाइफगार्ड, फर्स्ट एड), साफ-सफाई और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता को परखा जाएगा।
प्रमाण पत्र: सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र (Certificate) जारी किया जाएगा।
कार्रवाई की चेतावनी
जिला क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक धनुक ने बताया कि इससे पहले भी पंजीकरण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जिले के केवल 30 संस्थानों ने ही अब तक अपनी प्रक्रिया पूरी की है। प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि यदि जांच के दौरान कोई भी सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन के चलता पाया गया, तो उसे तत्काल बंद (Seal) कर दिया जाएगा और संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों जरूरी है यह कदम?
यह निर्णय हाल के दिनों में स्विमिंग पूल और जिम में होने वाले हादसों को रोकने और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप सुविधाएं मिल सकें।

